Tuesday, July 7, 2015
सभी भाई करते हैं एक ही युवती से शादी
रबड़ की तरह सूटकेस में समा जाती है यह महिला
दुनिया के पहले रोबोट की शादी, 100रोबोट बने बाराती
इतना बड़ा खरगोश
दाढ़ी-मूंछ वाली दुल्हन
Thursday, July 2, 2015
84 वर्षीय महिला के गर्भ में 44 साल का बेबी
Tuesday, June 30, 2015
खरीदें अपना हमशक्ल पुतला
क्या आप अपनी फोटो खिंचवाकर, अपना पोट्रेट बनवाकर और अपनी सेल्फी खींचकर थक चुके हैं। अगर हां तो अब आपके लिए बाजार में इनसे कुछ बढ़कर उपलब्ध है जिसे आप इस शादी के मौसम में अपने चाहने वालों को तोहफे के रूप में दे सकते हैं। उन्हें अब आप हुबहू अपने जैसा दिखने वाला पुतला गिफ्ट कर सकते हैं।
पेरिस में एक नया पॉप-अप शॉप खुला है जो ग्राहकों को बिलकुल उनके जैसा दिखने वाला पुतला ऑफर कर रहा है। यह विश्व में अपनी तरह की पहली दुकान है जहां 3डी प्रिंटर तकनीक के प्रयोग से आपका एक छोटा पुतला या यूं कहें कि आपका मिनी वर्जन तैयार करती है। इस पुतले का साइज आपके ओरिजनल साइज का बारहवां हिस्सा होगा।
ग्राहक अपने मनपसंद पोज में और अपने मनपसंद कपड़ों में अपना पुतला बनवा सकते हैं। इस पुतले का दाम फिलहाल 285 डॉलर यानी करीब 17,600 रुपए है। अब तक 15 लोगों ने अपना पुतला बनवाया है पर उम्मीद है कि धीरे-धीरे यह चलन जोर पकड़ेगा और सेल्फी से ऊब चुके लोग अब अलग-अलग पोज में अपना 3डी पुतला कलेक्ट किया करेंगे।
मौत की शॉपिंग
ईसाई धर्म में मौत के बाद मृत शरीर को ताबूत में रखकर दफन किया जाता है। मरने के बाद हमारा क्या होगा ये तो किसी को नही पता होता। एक न एक दिन मरना तो सभी को है तो क्यों ना इसको भी कुछ मनोरंजक बनाया जाये जिसमें हम यह सोच सके कि हम दुनिया को किस अंदाज में अलविदा करेंगे।
ये कोई कल्पना नही है बल्कि जापान की राजधानी टोक्यो में ऐसा होता है यहां शुकात्सु फेस्टा नाम का एक त्योहार मनाया जाता है। शुकात्सु का मतलब है मौत के लिए तैयार होना। यहां आने वाले लोग मरने के लिए अपनी तैयारी करके जाते हैं जिससे उनकी मौत के बाद उनके परिवार वाले उन्हें एक शानदार विदाई दे सकें।
यहां लोग अपनी पसंद की कब्र चुनते हैं। ताबूत में लेटकर अपने साइज के अनुसार ताबूत चुनते हैं। यहां तक कि ताबूत की प्री-शॉपिंग तक कर लेते हैं। उनकी शॉपिंग यहीं खत्म नही होती वह तो मरने के बाद पहने जाने वाले कपड़े तक पसंद कर खरीद लेते हैं। डे्रस के अलावा मेकअप तक चुनते हैं कि उस समय हमारे ऊपर इस डे्रस के साथ कैसा मेकअप फबेगा। वाकई अपनी मौत के लिए इतनी तैयारी करना बेहद दिलचस्प है औरअनोखा भी।
अनोखा रेस्टोरेंट: यहां वेटर का काम करते हैं बंदर
अक्सर कहा जाता है कि बंदरों का दिमाग इंसानों की तरह ही तेज होता है। समय-समय पर ऐसे घटनाएं भी होती रहती है जो इस बात की पुष्टिï भी करती हैं। इसका एक उदाहरण जापान की राजधानी टोक्यो में भी देखने को मिला। यहां स्थित काबुकी रेस्टोरेंट में वेटर का काम इंसान नही बल्कि बंदर ही करते हैं।
जी हां, शायद यह बात आपको हैरान कर दे लेकिन यह पूर्णत: सत्य है। इस रेस्टोरेंट में बंदर येट चेन और फुकु चेन, 2008 से वेटर का काम कर रहे है। जैसे ही कोई कस्टमर रेस्टोरेंट में प्रवेश करता है दोनों बन्दर अपने काम में लग जाते है। एक कस्टमर को उसकी सीट तक ले जाता है और दूसरा उसके हाथ पोंछने के लिए टॉवल लेकर आता है। उसके बाद एक बन्दर उनसे ऑर्डर लेता है और दूसरा बन्दर ऑर्डर सर्व करता है।
पहले यह बंदर रेस्टोरेंट मालिक के पालतू बंदर थे लेकिन जब बंदर येट चेन ने रेस्टोरेंट के काम में दिलचस्पी दिखानी शुरु की तो मालिक ने उसे रेस्टोरेंट का काम सिखा दिया। लेकिन दूसरे बंदर फुक चेन को ट्रेन्ड करना पड़ा।
इससे मालिक और कस्टमर दोनों ही बहुत खुश हैं। बंदर वैसा ही करता था जैसा उनका मालिक उन्हें आदेश देता है। यहां आने वाले ग्राहकों के अनुसार यह इंसानी वेटर्स कि तुलना में यह बहुत अच्छे है क्योकि इंसानी वेटर्स की तरह इनके व्यवहार को लेकर कभी भी शिकायत नही होती है। दूसरी बात यह की यह कभी भी टिप नही मांगते हैं। इसके अलावा एक मजे की बात यह है कि इन्हें वेतन में केवल सोयाबीन चिप्स देने पड़ते हैं।
2008 में जब इन्होंने काम शुरू किया था तब यह केवल ड्रेस पहनकर काम करते थे, लेकिन बाद में ये ड्रेस के साथ-साथ ह्यूमन मास्क भी पहनने लगे ताकि कस्टमर्स को ज्यादा फेमिलियर लग सके।
यहां कुत्ते से रचाया जाता है बच्चों का विवाह
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रहने वाले आदिवासी मुंडा समाज में आज भी एक अजीबोगरीब परंपरा कायम है। यहां ग्रह-दोष मिटाने के लिए बच्चों का विवाह कुत्ते के बच्चों के साथ किया जाता है। मकर संक्रांति के करीब यहां पारंपारिक गीतों के बीच दुधमुंहे बच्चों से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों की शादी धूमधाम से की जाती है।
यहां बच्चों के साथ दूल्हे-दुल्हन के रूप में कुत्ते के बच्चे बैठते हैं। खुशनुमा माहौल में समाज के लोग गीतों पर थिरकते हैं। बताया जाता है कि समाज में मान्यता है कि दुधमुंहे बच्चों के ऊपरी दांत पहले निकलने पर उसे ग्रहदोष लग जाता है। बच्चों को इस ग्रहदोष से बचाने के लिए इन बच्चों की शादी कुत्ते से रचायी जाती है।
एक गैंडे की सुरक्षा में तैनात हैं 40 जवान
अभी तक आपने किसी बड़े नेता या बड़ी शख्सीयत की कड़ी सुरक्षा के इंतजाम देखे होंगे। लेकिन ऐसी ही सुरक्षा अगर किसी जानवर को भी दी जाये तो इस बारे में आप क्या कहेंगे।
हम यहां बात कर रहें हैं केन्या में रहने वाले एक सफेद गैंडे सुडान की 40 वर्षीय यह नर गैंडा अपनी प्रजाति का अंतिम नर गैंडा बचा है ऐसे में इसकी सुरक्षा के लिए वीआईपी बंदोबस्त किए गये हैं। इसकी सुरक्षा के लिए 40 हथियारबंद रेंजर तैनात किए गए हैं। जो 24 घंटे इसे सुरक्षा देते हैं।
दुनियाभर में पांच उत्तरी सफेद गैंडे बचे हैं, जिसमें से सुडान के साथ दो मादा भी केन्या में मौजूद हैं।
सुडान को पिछले साल दो मादाओं के साथ चेक गणराज्य के चिडिय़ाघर से केन्या लाया गया था। इसकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने इसे रेडियो ट्रांसमीटर लगाए हैं।
पजेटा संस्था सुडान की सुरक्षा के लिए धन एकत्रित करती है। उसके मुताबिक बाजार में इनके सींग की कीमत 75 हाजर डॉलर है, इसलिए शिकारियों से बचाने के लिए इसकी सींग को पहले ही काट लिया गया है। संस्था ने इनकी सुरक्षा के लिए पिछले महीने एक कैम्पेन गोफंडमी लांच किया था, जिससे 7,700 डॉलर एकत्रित हुए। जिसका उपयोग इनकी सुरक्षा में लगे रेजर्स को प्रशिक्षण देने और उन्हें हथियार मुहैया कराने के लिए किया गया।







